शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2016

की कहाँ अर्र-दर्र

बौआक नाम:की कहाँ अर्र-दर्र

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स्वस्ति बौआ के
मायक तरफ सँ प्रणाम
जा!!!!!!!!
आशीर्वाद।
जे सुनि मोन खुश होय।
से बाद समाचार
बौआ रौ!
कुशलो समाचार त कहल कर!
एकरा बेत्रे
मोन बेलल्ला भ जाइत अछि।
कोनादनि, आउल-बाउल।
से बौआ रौ!
अपना मे सब खुश रहू,
आनन्द करू।
मुदा बौआ रौ!
कतबो अकान-बकलेल छी,
छियौ त तैयौ हमही माय!

धरा देलक फोन सोनमा,
       आफीसर फिलाट,
बड़ीकाल भेलै खाली टुनटुनिए
तखन कहलनि समधिन
तोहर जिगेसाक मादे
"आबो छोड़ू बेटा के!
बड्ड बेटा बेटा करैत छी,बुझलौं"
से बौआ रौ!
ई छुटतै कोना!
बनाओल ने छुटितै,
जे अपने बनल छै
से टुटतै कोना?
ओ त अपने टुटियो जेबै
तैयो छुटतै कोना?
से बौआ रौ!
कहलनि समधिन;
"अहूँ त अपनओने छलियैक ककरो बेटा!"
से त सत्ते,
अपनओने छलियैन्ह तोहर पिता के
आ हुनकर सबकेर, सबकिछु केर
हर्ष केर विषाद केर सुख केर दुख केर।
से बौआ रौ !
जानि ने कियैक लगैए एना जेना
अपनाओल गेलह अछि तोँ
मात्र तोँ,
आओर तोहर क्यो नहि शायद।


से बौआ रौ !
 मोन हमर घूमि रहल अछि
   भोकाड़ि पाड़ि रहल अछि ।
    अपनाओल गेलह अछि
     तोहूँटा आखिर की नहि?
         सुदुक तोहर पदबी-प्रतीष्ठा
              आ पाइए टा त नहि?
काटै छथुन्ह अहुरिया बाप
जा जा क ओहि खेतक आड़ि पर
जे बिका गेल अछि
तोहर पढ़ाइक सुइद-मूर तरे;
आ काटै छी अहुरिया हम
सुन्न सन आँगन मे;
बेटा-पुतहु पोता-पोतीक ओलो सन बोल लेल।
देखि-देखि हमरा सबके
लोकसब हँसैत अछि
कि कनैत अछि से पता नहि।
ढेर रासे फोटो मात्र
तोरा सबहक देखैत छी
अपनेटा••••खाली •••••


   छोटकू पढ़ैए
 बड्ड चन्सगर छै
 लोक सब कहैए,
 कोंढ़ हमर दलकैए।
कहाँदनि तोरो स छै चन्सगर
 कोंढ़ कपैए हमर थर थर थर।


    हे लैह! की कहाँ लिखा देलियह अर्र-दर्र।

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