शनिवार, 30 मई 2015

जीवन-दिशा

जानि ने अगिला,
पता ने पछिला;
बीचक ई लटकाव।
डगमग-डगमग,
जा रहल मग;
जग मे जीवन नाव।।

नववर्ष शुभकामना

  नववर्ष की शुभकामना  ************** आ गया नववर्ष मस्ती छा गया / वर्ष पिछला बीत जब प्यारा  गया// काल का ये चक्र रुकता है नहीं, ज़िन्दगी का ग...