मंगलवार, 21 नवंबर 2017

भोर के भोरुकबा

              भोर के भोरुकबा
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भोर के भोरुकबा बाबू
दिन के उजास हो
राकेश आराधन ह$ तू
फैलल परकास हो।
               
बटिया निहारत रहली
लइ के बिसबास हो
गोदिया खेलइब$ एक दिन
अइब$ हमरे पास हो।
भोर के भोरुकबा बाबू.........

मन मे उमंग अइसन
उड़ी अकास हो
बाबू तू धन्न कइल$
बनल$ सबके खास हो।
भोर के भोरुकबा बाबू.........

ताकेला जे टुक टुक टुक टुक
मंद मंद हास हो
दरद सब मेटइ हिया
मेट इ भूख प्यास हो।
भोर के भोरुकबा बाबू........

नववर्ष शुभकामना

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