शनिवार, 19 जनवरी 2019

             बात करै छी
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थोड़-बहुत भेल ऊपर-नीचा
 चट दऽ मुक्का-लात करै छी
                      बात करै छी!
 कथा कोन आनक जखन
अपनहु पर आघात करै छी
                     बात करै छी!
के अछि अगबे दूधक धोल
बातक बाते कात करै छी
                  बात करै छी!
घृणा-क्रोधक जहलक कैदी
व्यर्थ रतिजग्गा-प्रात करै छी
                     बात करै छी!
बुझनुक बूझी बड़ अपना के
अपने अंग प्रतिघात करै छी
                     बात करै छी!
हमर हिया आबि कऽदेखियौ
कोनटे पर सँ झात करै छी
                  बात करै छी!
सब समस्या सुलझहि बाते
नहि कियै मुलकात करै छी
                    बात करै छी!
जे फुरायल अटपट कहलहुँ
लटपट बात समाप्त करै छी
                     बात करै छी!
   __अशोक झा 'दुलार'

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