चंदा मामा चंदामामा
शाम सबेरे दिख जाना।
बादलों में छुप छुप कर
खेल-वेल ना सिखलाना।।
सूरज दादा से कहना थोड़ा
जल्दी जल्दी चलता जाएँ।
जल्दी से फिर शाम ढले
औ दर्शन तेरा हमसब पाएँ।।
कोई नहीं सुने हैं हमरी
सब सिरफ समझाते हैं।
सबर शाम तक करूँ कैसे
छनमन सुगंध ललचाते हैं।।
मुह में पानी आ जावे है
आँखें पूड़ी-पकवान निहारे।
जाता भी हूँ हट खेलन को
मन मारूँ बस मारे मारे।।
बस थोड़ी सी तो चुरा के चक्खा
हाय-हाय कर उठे सभी।
दादी-काकी मम्मी भी तो
डाँट-डपट कर झपट पड़ी।।
छीन हाथ से फेंक दिया फिर
कुल्ली करके कान छुलाई।
हाथ जोड़कर चंदामामा
####तेरा देने लगे दुहाई।।
करता क्या मैं मुह लटकाए
मन मसोस कर टहल गया।
अंतिम विनती सुन ले मामा
दिख जा,देखो सूरज ढल गया।।
शाम सबेरे दिख जाना।
बादलों में छुप छुप कर
खेल-वेल ना सिखलाना।।
सूरज दादा से कहना थोड़ा
जल्दी जल्दी चलता जाएँ।
जल्दी से फिर शाम ढले
औ दर्शन तेरा हमसब पाएँ।।
कोई नहीं सुने हैं हमरी
सब सिरफ समझाते हैं।
सबर शाम तक करूँ कैसे
छनमन सुगंध ललचाते हैं।।
मुह में पानी आ जावे है
आँखें पूड़ी-पकवान निहारे।
जाता भी हूँ हट खेलन को
मन मारूँ बस मारे मारे।।
बस थोड़ी सी तो चुरा के चक्खा
हाय-हाय कर उठे सभी।
दादी-काकी मम्मी भी तो
डाँट-डपट कर झपट पड़ी।।
छीन हाथ से फेंक दिया फिर
कुल्ली करके कान छुलाई।
हाथ जोड़कर चंदामामा
####तेरा देने लगे दुहाई।।
करता क्या मैं मुह लटकाए
मन मसोस कर टहल गया।
अंतिम विनती सुन ले मामा
दिख जा,देखो सूरज ढल गया।।
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